महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर एएमएचएसएससी ने बनाया सशक्त

गाजियाबाद

गाजियाबाद: 18 अगस्त, अपैरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल (एएमएचएसएससी) ने हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड के सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत करीब सौ महिलाओं को प्रशिक्षित किया हैं। इन महिलाओं को गाजियाबाद के लोकप्रिय विहार स्थित एएमएचएसएससी के अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर शाही एक्सपोर्ट्स के ट्रेनिंग सेंटर में सिलाई मशीन ऑपरेटर और सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर के जॉब रोल में तीन महीने का प्रशिक्षण दिया गया था। 

कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से आर्थिक रूप से पिछड़े और वंचित महिलाओं के लिए तैयार किया गया था। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर, प्रतिभागियों को न केवल प्रमाण पत्र जारी किए गए, बल्कि शाही एक्सपोर्ट्स में उन्हें प्लेसमेंट भी दी गई।  इससे इन्हें आजीविका का साधन भी मिल गया है और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर एएमएचएसएससी के सीईओ और डीजी डॉ. रूपक वशिष्ठ ने कहा कि हम महिलाओं को रोजगार योग्य कौशल के साथ सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि वे बेहतर आजीविका हासिल कर सकें। हमारा उद्देश्य आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ी महिलाओं तक पहुंचना और उन्हें स्किलिंग इको-सिस्टम का एक बड़ा हिस्सा बनाना है। जिससे उन्हें रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि “सीएसआर परियोजनाएं भारत में महिला सशक्तिकरण की प्रक्रिया में बहुत योगदान दे सकती हैं। महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण तभी संभव होगा जब वह कुशल हो और उनके पास नौकरी या व्यवसाय के जरिये निरंतर आमदनी का जरिया हो। 
प्रतिभागी पूजा वर्मा ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि तीन महीने का एसएमओ प्रशिक्षण, अत्यधिक उद्योग-उन्मुख था और इंडस्ट्री फ्रेंडली नॉलेज दिया है। वर्क फ्लोर पर होने वाली चुनौतियों से भी अवगत कराया, जिसके कारण कौशल और आत्मविश्वास दोनों में इजाफा हुआ है। 

प्रिया, सिंधु कुमारी, कंचन देवी और अन्य प्रशिक्षुओं ने भी बताया कि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम ने न केवल उन्हें कौशल में सुधार किया बल्कि  उन्हें आजीविका का साधन भी दिया है। 

सीएसआर गतिविधियां समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और उत्थान की दिशा में एक उत्प्रेरक रही हैं। भारत सरकार बड़े पैमाने पर स्किलिंग, रीस्किलिंग और अप-स्किलिंग को बढ़ावा देने के लिए सीएसआर-वित्त पोषित कौशल विकास गतिविधियों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है।

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