समय पर हुई सर्जरी ने इस शिशु के किडनी फंक्शन को सुरक्षित रखने में मदद पहुंचायी, बार-बार बुखार, दस्त और कम पेशाब की समस्या के बाद शिशु को अस्पताल में भर्ती किया गया था
पंकज अरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: 25 अगस्त, 2026, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने लेफ्ट प्राइमरी ऑब्सट्रक्टिव मेगायूरेटर, जो कि मूत्र मार्ग में अवरोध (ब्लॉकेज) की दुर्लभ जन्मजात कंडीशन होती है, से पीड़ित 1-वर्षीय शिशु की रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस जटिल रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी को *डॉ अनूप गुलाटी, डायरेक्टर, यूरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद* ने *डॉ अमित गुप्ता, डायरेक्टर पिडियाट्रिक्स, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद* के नेतृत्व में गठित पिडियाट्रिक टीम के सहयोग से पूरा किया।

इस शिशु को करीब एक महीने से बार-बार बुखार, दस्त और पेशाब कम आने की समस्या के बाद इलाज के लिए फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में जांच के बाद, डॉक्टरों ने शिशु को मूत्र मार्ग में अवरोध (ब्लॉकेज) की दुर्लभ जन्मजात कंडीशन से ग्रस्त पाया। उक्त मरीज के बाएं गुर्दे से पेशाब को मूत्राशय में ले जाने वाली नली असामान्य रूप से काफी बड़ी हो गई थी और जहां यह मूत्राशय से जुड़ रही थी वहां अवरुद्ध भी थी। इस अवरोध की वजह से गुर्दे में पेशाब जमा होने लगा था जिसके कारण मरीज के गुर्दे को क्षति पहुंचने और उसमें गंभीर संक्रमण का जोखिम भी बढ़ गया था।
शिशु की विस्तृत क्लीनिकल जांच के बाद, यूरोलॉजी टीम ने मिनीमॅली इन्वेसिव लैपरोस्कोपिक सर्जरी कर, गुर्दे से पेशाब ले जाने वाली बढ़ी हुई नली को नए सिरे से आकार देकर रींइप्लांट किया और ब्लॉकेज दूर करने के लिए इसे मूत्राशय से दोबारा जोड़ा गया। घाव भरने के दौरान, इसे खुला रखने के लिए एक छोटे आकार की अस्थायी नली (स्टेंट) लगायी गई। सर्जरी के बाद, मरीज ने बिना किसी परेशानी के रिकवरी की और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी, देखभाल तथा एंटीबायोटिक उपचार में रखने के तीन दिन बाद इस बच्चे को स्थिर, और स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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मामले की जानकारी देते हुए, *डॉ अनूप गुलाटी, डायरेक्टर, यूरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद* ने कहा, “प्राइमरी ऑब्सट्रक्टिव मेगायूरेटर बच्चों में एक प्रकार की दुर्लभ कंडीशन है। यदि इसका सही समय पर उपचार नहीं किया जाए, तो इसकी वजह से बार-बार संक्रमण हो सकता है और इससे धीरे-धीरे किडनी फंक्शन पर भी असर पड़ता है। इस मामले में, समय पर डायग्नॉसिस और सर्जरी से हमें ब्लॉकेज को दूर करने और बच्चे के किडनी फंक्शन को सुरक्षित रखने में मदद मिली। सर्जरी के बाद बच्चे की सही तरीके से रिकवरी हुई और स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”
*डॉ अमित गुप्ता, डायरेक्टर पिडियाट्रिक्स, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद* ने कहा, “जिन बच्चों के मूत्र मार्ग में यह दुर्लभ कंडीशन होती है उनमें कई गैर-विशिष्ट लक्षण जैसे बुखार और पेट में खराबी जैसे लक्षण उभरते हैं जो इस कंडीशन के असली कारण को छिपाते हैं। विस्तृत पिडियाट्रिक जांच से हमें इस समस्या के सही कारण की पहचान करने और इंफेक्शन का उपचार करने के साथ-साथ बच्चे को सर्जरी के लिए तैयार करने में सहायता मिली।”
*डॉ अभिषेक शर्मा, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद* ने कहा, “कम उम्र के बच्चों में जटिल मामलों का उपचार करने के लिए उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चरल बैकअप के साथ-साथ उपयुक्त क्लीनिकल माहौल जरूरी होता है। इस मामले में मिली सफलता ने बच्चों में जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं को सुरक्षित तरीके से अंजाम देने की हमारी ताकत को प्रदर्शित किया है।”
