पंकज अरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: महर्षि दयानन्द के आदर्श अनुयायी महामानव स्वामी श्रद्धानन्द, (मूल नाम मुंशीराम) जिन्होंने अपनी ज्ञानोपार्जित प्रतिभा व कार्यो से समाज, देश व विश्व को प्रभावित किया। अपने गुरू स्वामी दयानंद सरस्वती की प्रेरणा से आजादी और वैदिक प्रचार का प्रचण्ड रूप में आंदोलन खड़ा करने वाले, शुद्धि आंदोलन के पितामह, तथा अनेक गुरूकुलों के संस्थापक व संचालक अमरहुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद का का 99वां बलिदान दिवस केंद्रीय सभा (नगर निगम क्षेत्र) द्वारा आर्य समाज (सेंट्रल) सैक्टर 15 मे श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाया गया।

सुविख्यात वैदिक भजनोपदेशक आचार्य डॉ० सतीश सत्यम्, आचार्यी श्रुति सेतिया ने मधुर भजनों के माध्यम से स्वामी श्रद्धानंद के राष्ट्र निर्माण और समाज सुधार में अतुलनीय योगदान को याद किया।
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मुख्य वक्ता आचार्य स्वदेश महाराज प्रधान, आर्य प्रतिनिधि सभा उ० प्र० अधिष्ठाता, वेद मन्दिर मथुरा ने अपने उद्बोधन में स्वामी श्रद्धानंद के जीवन, विचारों और समाज के लिए किए गए योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होने आर्य समाज के सिद्धांतों को न केवल प्रचारित किया, बल्कि उन्हें अपने जीवन के त्याग और सेवा के माध्यम से चरितार्थ भी किया। एक सफल वकील होने के बावजूद, उन्होंने समाज सेवा के लिए अपनी संपत्ति और पेशा त्याग दिया और 1917 में सन्यास ग्रहण कर स्वामी श्रद्धानन्द बन गए। आज के समाज की यह एक कड़वी सच्चाई है कि लोग अपने ‘अधिकार’ और ‘पहचान” को लेकर तो बहुत जागरूक हैं, लेकिन अपने राष्ट्र, समाज और परिवार के प्रति ‘कर्तव्य’ की बात आते ही पीछे हट जाते हैं।

कार्यक्रम के अयक्ष आचार्य ऋषिपाल (प्राचार्य, गुरुकुल इंद्रप्रस्थ) ने स्वामी श्रद्धानंद के सामाजिक सुधार और स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, और महात्मा गांधी को “महात्मा” कहने जैसे उनके महत्वपूर्ण कार्यों का वर्णन किया, जिन्होंने भारतीय समाज और संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला। डॉ० ओ३म् प्रकाश महाराज ने स्वामी श्रद्धानंद के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर वर्तमान पीढ़ी को सभ्यता व संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया।

कुशलता पूर्वक मंच संचालन महामंत्री जितेंद्र सरल ने किया। सत्य प्रकाश अरोड़ा़, संजय खट्टर, वसु मित्र सत्यार्थी द्वारा आचार्य स्वदेश महाराज व अन्य आमंत्रित विद्वानों और विभिन्न आर्य समाजों व संस्थानों के प्रतिनिधियों को आर्य पट्टीका पहनाकर व पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया गया।

प्रधान देशबंधु आर्य, कार्यकारी अध्यक्ष आनंद महता व अन्य कार्यकारी सदस्यों ने कार्यक्रम में सम्मिलित होकर सफल बनाने के लिए सबका धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में सुशील शास्त्री, देवराज आर्य, डा. संदीप आर्य, सिक्का, कर्मचंद शास्त्री, दयानंद सेठी, होती लाल आर्य महेश आर्य, अजीत आर्य, नंदलाल कालरा, बिमला ग्रोवर, विमल सचदेवा, सुषमा वधवा, प्रेम लता गुप्ता, रचना आहुजा, सुकृति चावला, तथा विभिन्न आर्य समाजों के अनेक प्रतिनिधि शामिल हुए।


