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ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय आर्य सम्मेलन की तैयारी पर हुआ मंथन

पंकज अरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 की तैयारियों के लिए विभिन्न आर्य समाजों में बैठकों का दौर चल रहा है। दिल्ली में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस महासम्मेलन के लिए तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं, जिसमें विभिन्न क्षेत्रीय आर्य समाज, आर्य वीर दल और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग लेंगे। इन बैठकों में प्रचार-प्रसार, आयोजनों की रूपरेखा तय करने, आर्य वीरों को जुटाने और उनके आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा हो रही है।

इसी कड़ी में‌ अंतरराष्ट्रीय आर्य सम्मेलन की तैयारी के लिए आर्य समाज सैक्टर 7 में बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में फरीदाबाद की विभिन्न आर्य समाज व आर्य वीरदल इकाई के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता आर्य प्रतिनिधि सभा, हरियाणा के प्रधान देश बंधु आर्य ने की। स्वामी डा. देवव्रत आर्य, आचार्य ऋषिपाल, योगीराज् ओमप्रकाश ने अपने विचार प्रकट करते हुए इस महासम्मेलन को सामुहिक सहयोग से सफल बनाने का आवाहन किया।

मुख्य वक्ता आर्य प्रतिनिधि सभा, दिल्ली के महामंत्री विनय आर्य ने बताया कि इस ऐतिहासिक महासम्मेलन में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि कला, संस्कृति और विचारों के साथ शामिल होंगे तथा आर्य समाज के मूल्यों और राष्ट्रवाद पर विचार-विमर्श करेंगे। महासम्मेलन की सफलता के लिए दिल्ली में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर विचार गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। इसका प्रमुख उद्देश्य आर्य समाज के आदर्शों का प्रचार, धार्मिक, आर्य वीरों की भागीदारी, सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण महर्षि दयानन्द के जीवन, योगदान एवं विचारों पर वैश्विक विद्वानों के व्याख्यान, आर्य समाज के 150 वर्षों की यात्रा का चित्रात्मक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शन, आर्यवीर दल के युवा वीरों का प्रदर्शन एवं वीरता प्रशिक्षण तथा महर्षि दयानन्द स्मृति ग्रंथों, शोध-पत्रों व साहित्य का विमोचन रहेगा।

यह महासम्मेलन महर्षि दयानन्द के विचारों को विश्वमंच पर पुनः प्रतिष्ठित करने का एक संकल्प है। महर्षि दयानन्द के “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” के महान मंत्र को चरितार्थ करते हुए, यह सम्मेलन आर्य समाज के सिद्धांतों, वेद-प्रचार, सामाजिक-सुधार एवं वैदिक जीवनशैली को वैश्विक जनमानस तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा। इसमें भाग लेना हम सब का सौभाग्य होगा, इसलिए अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठकों के माध्यम से सदस्यों, खासकर आर्य वीर दल के सदस्यों और युवाओं को सम्मेलन में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार और जागरूकता फैलाने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें न केवल भारत के कोने-कोने से बल्कि विश्व के विभिन्न देशों से आर्यजन, विद्वान, समाजसेवी, युवा एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

बैठक में दयानंद सेठी, जितेंद्र सरल, योगेंद्र फोर, गजराज आर्य, वसु मित्र सत्यार्थी, संजय आर्य, पी के मित्तल, राजेन्द्र बींसला, रघुवीर शास्त्री, संदीप आर्य, निष्ठाकर आर्य, सतीश कौशिक, कर्मचंद शास्त्री, शिव कुमार टुटेजा, एस पी अरोड़ा, होती लाल आर्य, महेश चंद्र गुप्ता, रविंद्र गुप्ता, सुरेश गुलाटी, अजीत कुमार आर्य, जयपाल शास्त्री, सुधीर बंसल, संजय सेतिया, संघमित्रा कौशिक, विमला ग्रोवर, ऊषा चितकारा, प्रेम लता गुप्ता आदि अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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