गाड़ियों से वसूली के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज

चंडीगढ़: 19 अगस्त, हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने ओवरलोडेड बताकर गाडिय़ों से वसूली कर रहे एक फर्जी आरटीओ और ऑनलाइन टैक्स काटने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक अन्य शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
परिवहन मंत्री ने इन दोनों घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावर्ती न होने पाए। ऐसी कोई घटना होती है तो इसके लिए बाकायदा आरटीए सचिवों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरटीए कार्यालयों में डीएसपी से लेकर कांस्टेबल तक बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अगर उनके होते हुए इस तरह की घटनाएं होती हैं तो यह ठीक नहीं है। साथ ही, उन्होंने व्यापारियों को भी सचेत रहने और कोई भी घटना होने पर मामला तुरंत संज्ञान में लाने को कहा है।
मूलचंद शर्मा ने बताया कि जिस ट्रक को ओवरलोडेड बताकर अवैध वसूली करने की यह घटना हुई है, वह फरीदाबाद के एक व्यापारी जितेन्द्र बंसल का है। मामला संज्ञान में आने पर जब इसकी जांच करवाई गई तो पता चला की आरटीओ फर्जी था। आरोपी फरमान कटारिया के खिलाफ सोहना के सिटी पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।
मंत्री ने बताया कि जितेन्द्र बंसल ने उनसे मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी और इसकी जांच करवाने का आग्रह किया। बकौल जितेन्द्र बंसल 13 अगस्त को उनका ट्रक बल्लभगढ़ से राजस्थान के भिवाड़ी जा रहा था। रात साढ़े 9 बजे के करीब ड्राइवर का फोन आया कि उनकी गाड़ी सोहना और तावड़ू के बीच सोहना पहाड़ी टूरिस्ट कॉम्पलेक्स पास आरटीओ ने रुकवा ली है। उसने बताया कि सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में 4 लोग सवार थे जिनमें से दो पुलिस की वर्दी में थे। उन्होंने ट्रक में साढ़े तीन टन माल ज्यादा बताया और चालान न भरने पर थाने चलने को कहा। इस पर जब जितेन्द्र बंसल ने ड्राइवर के फोन से कथित आरटीए कर्मचारी से बात की तो उन्होंने ‘फोनपे’ के माध्यम से 8222094786 नंबर पर 15000 रुपये ट्रांसफर करवाने पर गाड़ी को छोड़ दिया। फोनपे की आईडी फरमान कटारिया के नाम से है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि फर्जी टैक्स काटने से जुड़े एक अन्य मामले में नरवीर नाम के व्यक्ति के खिलाफ जिला पलवल के थाना गदपुरी में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। आरोपी उसी जिले के गांव पृथला का रहने वाला है। संगम विहार, दिल्ली निवासी रविन्द्र कुमार ने उसके खिलाफ दी शिकायत में बताया है कि 15 जुलाई को वह दिल्ली से आगरा जा रहा था। उसने गदपुरी में सडक़ किनारे उत्तर प्रदेश का टैक्स ऑनलाइन चुका दिया। टैक्स काटने वाले ने उसे इसकी रसीद दी और उसके मोबाइल पर भी टैक्स पेड का मैसेज आ गया। वापस आते समय जब यूपी में गाड़ी चैक हुई तो स्थानीय अधिकारियों ने टैक्स को फर्जी बताकर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि पहले भी इस तरह के कुछ मामले संज्ञान में आए हैं। टैक्स काटने के नाम पर हो रहे इस तरह के फर्जीवाड़े को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, ऐसे प्वाइंट्स की जांच भी की जाएगी जो ऑनलाइन टैक्स भरने के नाम पर दुकान खोलकर बैठे हुए हैं। ऐसी घटनाओं से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है बल्कि दूसरे राज्यों में बदनामी भी होती है। इसलिए आमजन को टैक्स भरते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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