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    Home » फरीदाबाद में हाई-रिस्क नवजात शिशुओं के लिए पहला विशेष डेवलपमेंट क्लिनिक शुरू

    फरीदाबाद में हाई-रिस्क नवजात शिशुओं के लिए पहला विशेष डेवलपमेंट क्लिनिक शुरू

    Khabarin NCRBy Khabarin NCR03/06/202613 Views
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    अमृता अस्पताल की पहल; समय रहते विकास संबंधी समस्याओं की पहचान, न्यूरोलॉजिकल मॉनिटरिंग और समग्र देखभाल पर रहेगा फोकस

    पंकज अरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: 03 जून 2026, नवजात और बाल विकास देखभाल को नई दिशा देते हुए अमृता अस्पताल, फरीदाबाद ने आज शहर का पहला समर्पित इन्फेंट एंड चाइल्ड डेवलपमेंट क्लिनिक (ICDC) शुरू कर दिया। यह विशेष साप्ताहिक क्लिनिक उन शिशुओं के लिए बनाया गया है जिन्हें नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) से छुट्टी मिलने के बाद भी नियमित विकासात्मक निगरानी और विशेषज्ञ देखभाल की आवश्यकता होती है।

    क्लिनिक प्रत्येक बुधवार दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक अपॉइंटमेंट के आधार पर संचालित होगा।

    *इस पहल का नेतृत्व डॉ. गीता गाठवाला, विभागाध्यक्ष, नवजात एवं शिशु रोग, डॉ. हेमंत शर्मा, वरिष्ठ सलाहकार, नवजात रोग विभाग तथा डॉ. प्राची सिंह, सलाहकार, नवजात रोग विभाग कर रहे हैं। इनके साथ लैक्टेशन काउंसलर, डाइटिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ऑडियोलॉजिस्ट, थेरेपिस्ट और अन्य बाल रोग विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम भी जुड़ी हुई है।*

    यह क्लिनिक नवजात देखभाल की उस महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है, जिस पर अक्सर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। चिकित्सा विज्ञान में प्रगति के कारण समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के जीवित रहने की संभावना पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। हालांकि, इनमें से कई बच्चों में बाद के वर्षों में विकास, सुनने, देखने, पोषण, वृद्धि और न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

    अक्सर छोटे NICU और नर्सिंग होम से डिस्चार्ज होने वाले ऐसे बच्चों को व्यवस्थित और दीर्घकालिक फॉलो-अप सुविधा नहीं मिल पाती, जिसके कारण विकास संबंधी समस्याओं की पहचान में देरी हो जाती है। जीवन के शुरुआती वर्षों को मस्तिष्क विकास का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है, ऐसे में समय पर हस्तक्षेप बच्चों के भविष्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

    इस अवसर पर डॉ. गीता गाठवाला, विभागाध्यक्ष, नवजात एवं शिशु रोग, ने कहा, “NICU में किसी हाई-रिस्क बच्चे को बचाना केवल पहला कदम है। हमारा वास्तविक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा न केवल जीवित रहे, बल्कि स्वस्थ और बेहतर जीवन भी जी सके। शुरुआती वर्षों में मस्तिष्क का विकास सबसे तेज़ होता है। ऐसे में विकास में देरी, भोजन संबंधी कठिनाइयों, सुनने की समस्या या न्यूरोलॉजिकल विकारों के शुरुआती संकेतों की समय रहते पहचान बच्चे के भविष्य को बदल सकती है। इस क्लिनिक के माध्यम से हम परिवारों को निरंतर मार्गदर्शन, विशेषज्ञ निगरानी और समय पर हस्तक्षेप उपलब्ध कराना चाहते हैं।”

    यह क्लिनिक परिवारों के लिए एक समन्वित फॉलो-अप प्रणाली के रूप में कार्य करेगा, ताकि उन्हें विभिन्न विशेषज्ञों के बीच बार-बार भटकना न पड़े और बच्चों को सही समय पर उचित मूल्यांकन एवं उपचार मिल सके।

    डॉ. हेमंत शर्मा, वरिष्ठ सलाहकार, नवजात रोग विभाग, ने कहा, “यह केवल एक सामान्य फॉलो-अप क्लिनिक नहीं, बल्कि हाई-रिस्क नवजात शिशुओं के लिए व्यापक विकासात्मक निगरानी कार्यक्रम है। हमारी नवजात विशेषज्ञ टीम एक केंद्रीय समन्वयक की भूमिका निभाएगी, जिससे बच्चों को सही समय पर आवश्यक जांच और हस्तक्षेप मिल सके। शुरुआती पहचान और उपचार से बच्चों के दीर्घकालिक न्यूरो-डेवलपमेंटल परिणामों में उल्लेखनीय सुधार संभव है।”

    इन्फेंट एंड चाइल्ड डेवलपमेंट क्लिनिक (ICDC) में उपलब्ध सेवाएं:

    • नवजात विशेषज्ञ द्वारा परामर्श

    • न्यूरोमोटर एवं न्यूरोलॉजिकल परीक्षण

    • विकासात्मक निगरानी एवं स्क्रीनिंग

    • ऑटिज्म स्क्रीनिंग

    • पोषण मूल्यांकन एवं परामर्श

    • वृद्धि और शारीरिक विकास का आकलन

    • वन-टू-वन अर्ली स्टिमुलेशन सत्र

    • श्रवण जांच

    • दृष्टि परीक्षण

    • आवश्यकता अनुसार रक्त जांच

    • जरूरत पड़ने पर बाल रोग विशेषज्ञों को रेफरल

    यह क्लिनिक न केवल अभिभावकों के लिए, बल्कि फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों के बाल रोग विशेषज्ञों, नवजात विशेषज्ञों, IVF केंद्रों, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों तथा छोटे नर्सिंग होम्स के लिए भी एक महत्वपूर्ण रेफरल और सहायता केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

    डॉ. प्राची सिंह, सलाहकार, नवजात रोग विभाग, ने कहा, “कई हाई-रिस्क बच्चों के लिए NICU से छुट्टी मिलना इलाज का अंत नहीं होता। समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले या गंभीर रूप से बीमार रहे बच्चों में विकास संबंधी चुनौतियां समय के साथ सामने आ सकती हैं। इस क्लिनिक के माध्यम से हमारा प्रयास है कि ऐसे प्रत्येक बच्चे को समय पर फॉलो-अप, आवश्यक हस्तक्षेप और निरंतर सहयोग मिल सके, ताकि वह अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सके।”

    अमृता अस्पताल, फरीदाबाद का यह नया प्रयास क्षेत्र में नवजात एवं बाल विकास देखभाल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अस्पताल का उद्देश्य परिवारों को एक ऐसा विशेषज्ञ-नेतृत्व वाला मंच उपलब्ध कराना है, जहां बच्चों के विकास से जुड़ी संभावित चुनौतियों की समय रहते पहचान हो सके और उन्हें आवश्यक सहायता एवं उपचार मिल सके।

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