KhabarNcr

‘जश्न-ए-फरीदाबाद-5’ का भव्य आगाज

पंकज अरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: फरीदाबाद साहित्यिक एवं सांस्कृतिक केंद्र (FLCC) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कला, संगीत और साहित्य महोत्सव ‘जश्न-ए-फरीदाबाद-5’ का टाऊन पार्क सैक्टर 12 में मुख्य अतिथि पूर्व आईपीएस एवं महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा फरीदाबाद पुस्तक मेले के उद्घाटन के साथ हुआ।

महोत्सव के साहित्यिक मंच ‘चौपाल’ में मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार विभूति नारायण ने ‘साहित्य और संस्कृति – अशलीलता और हिंसा से सुरक्षा’ के विषय पर अपने विचार रखे। समाज में व्याप्त अश्लीलता और सुरक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने अपने प्रशासनिक व साहित्यिक अनुभवों को साझा किया। उन्होंने एक गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा, “केवल देह का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि किसी भी प्रकार का शोषण भी अश्लीलता की श्रेणी में आता है।”

चर्चा में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने समाज और युवाओं को आह्वान करते हुए कहा कि हमें अश्लीलता को ‘प्रिय शीलता’ में बदलने का सकारात्मक प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम के मॉडरेटर ऋषिपाल चौहान ने चर्चा को दिशा देते हुए अभिभावकों और समाज से बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण और उनके चरित्र निर्माण पर जोर देने का आह्वान किया। बी आर भाटिया ने समाज में समरसता और अनुशासित जीवन यापन का अवाहन किया।

इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण साहित्यिक उपलब्धि के रूप में असगर नदीम सैयद द्वारा लिखित पुस्तक का विनोद मलिक द्वारा उर्दू से हिंदी में अनुवादित पुस्तक ‘एक और टोबा टेक सिंह’ तथा सतीश द्वारा लिखित पुस्तक ‘फरीदाबाद में ओस्त्रोव्स्की’ का विमोचन गया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. शुभ तनेजा ने ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर सार्थक संवाद का हिस्सा बनने के लिए सभी वक्ताओं और श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। उपस्थित अतिथियों का स्वागत विनोद मलिक, एम एल नंदवानी, वसु मित्र सत्यार्थी, अश्विनी सेठी, वी के अग्रवाल, मोहिंद्र सेठी, बृज मोहन शर्मा ने पारंपरिक रूप से पटका पहनाकर और FLCC का स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.