कश्मीर भारत का मुकुटमणि, कश्मीरी समाज ने कश्मीरियत को दी नयी पहचान: गंगाशंकर मिश्रा

फरीदाबाद: 04 जनवरी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख गंगाशंकर मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि कश्मीर भारत का मुकुटमणि है। कश्मीरी अन्य राज्यों के लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। विस्थापित होने के उपरांत भी कश्मीरी समाज ने अपने पुरुषार्थ से कश्मीरियत को एक नई पहचान दी है। मिश्रा ने  पंडित वैष्णवी जी की सेवाओं का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने केवल कश्मीरी समुदाय के लिए नहीं बल्कि गरीबों और दलितों के लिए भी एक मसीहा बने रहे। कश्मीरी समाज पंडित वैष्णवी जी को युगों युगों तक याद करता रहेगा।

कश्मीरी पंडित वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर- 37 फरीदाबाद एवं व्यथ एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में परम श्रद्धेय स्वर्गीय अमर नाथ वैष्णवी के जीवन पर आधारित एक फिल्म दिखाई गई। वैष्णवी जी जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बहुत ही कर्मठ एवं जुझारू कार्यकर्ता थे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख गंगाशंकर मिश्रा, अरुण वालिया, उत्त्पल कौल, दीपक ठुकराल तथा संजय पंडित दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुभारंभ किया।

सेक्टर- 37 में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अथिति गंगाशंकर मिश्रा का कश्मीरी पंडित वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय कॉक ने  पारंपरिक पगड़ी पहनाकर तथा कर्ण भान ने गुलदस्ते भेंट कर स्वागत किया। अजय कॉक ने अपने संक्षिप्त भाषण में सामान्य रूप से समाज और विशेष रूप से समुदाय के लिए की गई शानदार सेवा के लिए प्रो वीरेंद्र रावल जी के नेतृत्व में व्यथ संग़ठन का धन्यवाद किया।

प्रो वीरेंद्र रावल ने मुख्य भाषण देते हुए कहा कि संगठन पूरी तरह प्रशंसनीय है। कला, संस्कृति भाषा और हमारे प्रतीकों के निस्वार्थ योगदान से संरक्षित और प्रचारित करने के लिए फिल्म, सेमिनार और पुस्तकों के माध्यम से समय -समय पर समाज को अवगत कराते आ रहे हैं। प्रो रावल ने कहा कि स्वर्गीय अमर नाथ वैष्णवी बहुत ही मृदुभाषी व्यक्ति थे जो बहुत ही साधारण पोशाक पहनते थे लेकिन एक दृढ संकल्प एवं विश्वास के साथ बड़े पैमाने पर पलायन के बाद भी श्रीनगर के शीतल नाथ के आधार पर जम्मू में भी शीतल स्थल बनाना उनका एक लक्ष्य था, सपना था। उन्होंने अपने जीवन काल के दौरान ही अपना लक्ष्य प्राप्त किया।  

कश्मीरी पंडित वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय धर, जे एल पंडिता, संजय कौल तथा काजी अस्वस्थ होने के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। इसलिए अन्य पदाधिकारी राजीव ठुस्सू , अशोक कॉक, अशोक धर और शादी लाल रैना का संपूर्ण व्यवस्था बनाने में सराहनीय योगदान रह। वीरेंद्र गिगू  ने कार्यक्रम का शानदार मंच संचालन किया। उन्होंने बहुत ही सुंदर तरीके से धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सभी मेहमानों को जलपान के उपरांत कार्यक्रम संपन्न हुआ।    

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