पंकज अअरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: 02 अप्रैल, जीवन में अगर खुश रहना है तो केवल हनुमान जी से सीखें। हनुमान जी महाराज राम चरित मानस के बहुत ही सुंदर एवं महत्वपूर्ण चरित्र रहे। पूरी रामचरित मानस के अंदर हनुमान जी ना तो कभी विचलित हुए ना ही कभी उदास हुए। यही उनके जीवन की विशेषता है, जिससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। भारत अशोक अरोड़ा हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर वीरवार को शहर के विभिन्न मंदिरों एवं कार्यक्रमों में शामिल हुए। जहां उन्होंने हनुमान जी के स्वरूप का दर्शन किया एवं तिलक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर भारत अरोड़ा ने कहा कि हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व माना जाता है। यह पावन दिन भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए कहा कि रामचरित मानस के मुख्य नायक भगवान श्रीराम भी अपने जीवन मे रोए एवं परेशान हुए। उनके भाई लक्ष्मण, माता सीता, भारत, शत्रुघन उनकी पत्नियाँ, मांडवी, शुधकीर्ति, उनके पिता दशरथ जिन्होंने अपने पुत्र के वियोग में अपने प्राण त्याग दिए।

राम की तीनों माताएं, बहुत बड़े विद्वान रावण, मेघनाथ, कुंभकर्ण, विभीषण, अहिरावन सभी अपने जीवन में कही न कही परेशान रहे। केवल हनुमान जी एक ऐसे चरित्र रहे जो जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कभी विचलित ना हुए न ही कभी परेशान हुए। इसलिए हनुमान जी के चरित्र एवं उनके जीवन की न किसी से तुलना की जा सकती है, न ही किसी से आँका जा सकता है। वो हमेशा हमारे जीवन में प्रेरणदायी रहेंगे।

शहरभर के मंदिरों में भगवान हनुमान जी के जन्मदिन को आज जन्मोत्सव के रूप में मनाया गया। मान्यता है कि चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि पर अंजनी पुत्र हनुमान का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। शहरभर के मंदिरों में विधि विधान और शुभ मुहूर्त में पूजा अर्चना की गई और हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।


