एक साल तक मानव रचना शैक्षणिक संस्थान मनाएगा रजत जयंती

गीता संवाद के साथ हुई शुरुआत, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. करण सिंह ने बताया भगवत गीता का महत्व, संस्थान के सदस्यों ने किया संस्थापक डॉ. ओपी भल्ला को याद

फरीदाबाद, 09 जुलाई:  मानव रचना शैक्षणिक संस्थान अपने 25वें वर्ष में प्रवेश करने का जा रहा है। रजत जयंती के उपलक्ष में संस्थान द्वारा भगवत गीता संवाद का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. करण सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। यहां उन्होंने छात्रों से भक्ति योग, ज्ञान योग, राज योग और कर्म योग के बारे में छात्रों के साथ चर्चा की। उन्होंने छात्रों को बताया कि, गीता संघर्ष का शास्त्र है।  अगर जीवन में आप कुछ भी पाना चाहते हैं तो आपको उसके प्रति सच्ची निष्ठा रखनी होगा। हर बार गीता पढ़ने पर आपको कुछ नया सीखने को मिलेगा। इस मौके पर मानव रचना की रजत जयंती के लोगो (Logo) का भी अनावरण किया गया.

ऑनलाइन आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में मानव रचना की मुख्य संरक्षक सत्या भल्ला ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 1997 में डॉ. ओपी भल्ला द्वारा लगाया यह पौधा आज एक विशाल वृक्ष बन गया है। हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि आज मानव रचना भारत की टॉप यूनिवर्सिटी में से एक है। उन्होंने कहा, आने वाले समय में हम उम्मीद करते हैं कि मानव रचना सिर्फ देश ही नहीं विदेश में भी अपना झंडा लहराएगा। उन्होंने बताया, हर नई शुरुआत पर डॉ. ओपी भल्ला हवन का आयोजन किया करते थे, लेकिन कोरोना काल और सभी की सुरक्षा को देखते हुए भगवत गीता पर संवाद ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है, ताकि मानव रचना के छात्रों को भी गीता का ज्ञान मिल सके।

मानव रचना के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला ने डॉ. करण सिंह का इस कार्यक्रम में शामिल होने और अपना समय देने के लिए धन्यवाद किया। कार्यक्रम में , उपाध्यक्ष डॉ. अमित भल्ला, डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. आईके भट्ट समेत कई गणमान्य व्यक्ति और छात्रों ने हिस्सा लिया।

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