
पंकज अरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: श्रृद्धा रामलीला कमेटी की ओर से सेक्टर-14 स्थित कम्यूनिटी सेंटर में चल रही रामलीला के अभ्यास में कलाकारों ने भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम प्रस्तुत किया। बीती रात हुए अभ्यास में सीता हरण के साथ-साथ राजा जनक का दरबार और स्वयंबर जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों का पूर्वाभ्यास किया गया। कलाकारों ने संवाद और भाव-भंगिमाओं से ऐसा वातावरण तैयार किया मानो मंचन वास्तविकता का आभास कराता हो।

सीता हरण दृश्य में रावण की भूमिका श्रवण चावला ने निभाई, जबकि सीता का किरदार योगंधा वशिष्ट ने किया। राम और लक्ष्मण की भूमिकाओं में कुणाल चावला और साहिब खरबंदा ने अभिनय कर दर्शकों का मन मोह लिया। इस दृश्य के अभ्यास में संवाद अदायगी और भावनाओं का संतुलन देखकर कमेटी के सदस्य काफी प्रसन्न नजर आए।

इसके बाद राजा जनक के दरबार का अभ्यास हुआ, जिसमें स्वयंबर का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस दौरान सभी राजा भगवान शिव का धनुष तोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो पाता। इस असफलता पर राजा जनक (जगदीश भाटिया) व्यथित होकर राजाओं को खरी-खोटी सुनाते हैं। इस पर लक्ष्मण (साहिब खरबंदा) क्रोधित हो उठते हैं और जनक से उलझ पड़ते हैं कि उनके भाई राम के सामने कोई अपशब्द कैसे कह सकता है। इस दृश्य में राम का किरदार कुणाल चावला, सीता का योगंधा वशिष्ट, सुनयना का सोनिया शर्मा और विश्वामित्र का राजेश खुराना ने निभाया।

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अभ्यास के दौरान कलाकारों ने जिस ऊर्जा और निष्ठा से अपने किरदारों को जीवंत किया, उससे स्पष्ट है कि आगामी मंचन दर्शकों के लिए आकर्षण और भक्ति से परिपूर्ण अनुभव होगा। श्रृद्धा रामलीला कमेटी के निदेशक अनिल चावला ने बताया कि हर दृश्य को बेहतर बनाने के लिए कलाकार निरंतर मेहनत कर रहे हैं ताकि रामायण के प्रसंग समाज में आस्था और आदर्शों का संदेश दे सकें।





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