छत बचाने के लिए अंतिम सांस तक करेंगे आंदोलन: के एल गौतम

कृष्ण नगर, राम नगर व ए सी नगर रेलवे लाइन के समीप बस्तियों को तोड़ने के खिलाफ और पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था हेतु मांग पत्र 

फरीदाबाद: 02 अप्रैल,  अपनी छत बचाने के लिए झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले हजारों लोग एकत्रित होकर अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे, और जब तक सरकार हमारी मांगे मान नहीं लेगी और हमें झुग्गियों के बदले मकान नहीं देगी, यह लड़ाई खत्म नहीं होगी।

उपरोक्त शब्द ग्लोबल फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रधान के एल गौतम ने कृष्णा नगर ग्राम विकास समिति के संयुक्त तत्वाधान में किए गए जान आंदोलन में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के निवास पर एकत्रित हुए सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा आज कृष्णा नगर,

रामनगर और ए सी नगर के हजारों लोगों ने एकत्रित होकर जन आंदोलन किया और अपना मांगपत्र केन्द्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर को सौंप।

इस अवसर पर कृष्णा कॉलोनी कृष्णा नगर ग्राम विकास समिति के पदाधिकारी सुभाष चौहान, राहुल कुमार, मनोज कुमार, आर बी गौतम, प्रेमपाल प्रधान डी के झा, नैनी, रामनगर से लक्ष्मण प्रधान, गजराज सिंह, दीपक कुमार, राजेश कुमार, पुष्पेन्द्र कुमार, अमित कुमार, मनीष, मुकेश, नरेंदर, बाबू सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

मांगपत्र में कहा उपरोक्त तीनो कॉलोनियां रेलवे के किनारे पिछले लगभग 40, 50 व 60 साल से बसी हुई हैं, और लोग पीढ़ी दर पीढ़ी यहां रहकर अपना जीवन गुजार रहे हैं। लेकिन रेलवे विभाग इन कॉलोनियों को बिना किसी ठोस नियम कायदे कानून के तोड़ना चाहता है। रेलवे विभाग माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए बिना किसी वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था के उपरोक्त कॉलोनियों के लगभग 500 से ज्यादा मकानों को तोड़ना चाह रहा है। रेलवे विभाग के द्वारा भेजे गए नोटिस में कहीं पर 45 फीट, कहीं 93 फीट तो कहीं 120 फीट से ज्यादा जगह लेने की बात कही गई है, जो सरासर गलत है। आपको विदित हो कि रेलवे के दोनों किनारे बल्लभगढ़ से लेकर दिल्ली बॉर्डर तक अनेक बड़ी-बड़ी इमारतें और सरकारी संस्थान बने हुए हैं। जिनकी रेलवे लाइन से दूरी मात्र 15 मीटर से भी कम है। उनकी बाउंड्री को नहीं तोड़ा जा रहा है, मगर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगो को मनमाने ढंग से रेलवे विभाग तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दे रहा है।

मान्यवर जी पिछले दिनों रेलवे ने इंदिरा नगर और संजय नगर में तोड़फोड़ के दौरान 400 से ज्यादा मकानों को एन आई टी फ़रीदाबाद रेलवे स्टेशन की दीवार से लगभग 45 फिट दूर होने के बाद भी तोड़ दिया। रेलवे ने किसी गरीब व्यक्ति को कहीं नहीं बसाया इस से आपकी सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी है। श्रीमान जी, भाजपा सरकार सबका विकास सबका साथ की बात करती है, मगर गरीब लोगों के साथ भेदभाव और अन्याय की नीति अपना रही है। हमारी आपसे मांग है रेलवे विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही में हस्तक्षेप करते हुए रेलवे का नक्शा सार्वजनिक किया जाए, और यह बताया जाए की रेलवे की सही जगह कितनी है। साथ ही जितनी झुग्गियां तोड़ी जानी हैं उनको तोड़ने से पहले हरियाणा सरकार कहीं बसाने की व्यवस्था करें। अन्यथा एक भी झुग्गी को तोड़ा नहीं जाए। हम कालोनीवासी आपसे विनम्र निवेदन करते हैं यदि हरियाणा सरकार या रेलवे विभाग ने किसी प्रकार की मनमानी करने की कोशिश की तो जनता चुप नहीं बैठेगी। ज्ञात रहे 2003 में जिस प्रकार अपनी छत बचाने के लिये लोगों को जनआंदोलन करना पड़ा था, उसी प्रकार हम मजबूर हो जाएंगे। जिसमें होने वाली जनहानि और सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई की जिम्मेवार रेलवे विभाग और हरियाणा सरकार स्वयं होगी।

हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि जन भावनाओं को समझते हुए रेलवे विभाग द्वारा की कृष्णा नगर में आगामी 5 अप्रैल को की जाने वाली तोड़फोड़ को रोकने की कृपा करें, और इन तमाम सैकड़ों परिवारों को उजड़ने से बचाने का काम करें। ताकि आप की सरकार के खिलाफ गरीब और झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों में अविश्वास न पैदा हो।

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