होलिका दहन और होली? जानें मुहूर्त और इसका महत्व

राष्ट्रीय

रंगों का त्योहार होली हिन्दुओं का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है। दिवाली के बाद होली सबसे बड़ा त्योहार है। हिन्दी पंचांग के अनुसार, होली का त्योहार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से प्रारंभ होता है। यह दो दिन का होता है। पूर्णिमा तिथि के दिन प्रदोष काल में होली पूजा और होलिका दहन होता है और अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है, जिसे धुलण्डी भी कहा जाता है। जागरण अध्यात्म में आज हम जानते हैं कि इस वर्ष होलिका द​हन किस दिन है? होली पूजा का मुहूर्त क्या है? रंगों की होली किस दिन मनाई जाएगी?

होलिका दहन 2021 मुहूर्त: इस वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 28 मार्च दिन रविवार को प्रात: 03 बजकर 27 मिनट पर हो रहा है, जिसका समापन देर रात 12 बजकर 17 मिनट पर होगा। ऐसे में होलिका दहन 28 मार्च को होगा। इस दिन आपको होलिका दहन के लिए 02 घंटे 20 मिनट का समय प्राप्त होगा। इस दिन होलिका दहन मुहूर्त शाम को 06 बजकर 37 मिनट से रात 08 बजकर 56 मिनट तक है।

होलिका दहन को छोटी होली और होलिका दीपक के नाम से भी जाना जाता है। होलिका दहन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल के समय पूर्णिमा तिथि प्राप्त होने पर ही किया जाता है।

होली 2021: 28 मार्च 2021 को होलिका दहन होने के बाद अगले दिन रंगों वाली होली होगी। ऐसे में 29 मार्च दिन सोमवार को होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। होली के दिन लोग एक दूसरे को रंग, गुलाल लगाते हैं और बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं। उपहार देने के साथ ही दोस्तों, रिश्तेदारों को मिठाई और भोजन कराया जाता है।

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