जन्मदिवस के जश्न के मौके पर की गई फायरिंग में गंभीर रूप से घायल 22-वर्षीय युवक को फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद में मिला नया जीवन
पंकज अरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: 24 अप्रैल 2026, फोर्टिस हॉस्पीटल फरीदाबाद के डॉक्टरों की टीम ने 22-वर्षीय एक ऐसे युवक को नया जीवनदान दिया है जिसे फरीदाबाद में आयोजित एक जन्मदिवस समारोह के दौरान हुई फायरिंग में गोली लगी थी, और यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो यह चोट घातक भी साबित हो सकती है। *डॉ मोहसिन खान, सीनियर कंसल्टेंट, जीआई, मिनीमल एक्सेस एंड बेरियाट्रिक सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल फरीदाबाद* के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने बेहद सावधानीपूर्वक ढंग से मरीज की सर्जरी की। मरीज को स्वास्थ्यलाभ के बाद स्थिर अवस्था में छह दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।

मरीज को जब फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद के इमरजेंसी विभाग में लाया गया था तो उनके सीने में दायीं ओर नीचे की तरफ खून बह रहा था और सांस लेने में भी कठिनाई हो रही थी। मरीज की जांच और इमेजिंग से पता चला कि उन्हें कई गंभीर आंतरिक चोटें लगी थीं, जिनकी वजह से पेट और छाती से रक्तस्राव, लिवर में चोटें थीं और दायीं पसली भी कई जगह से टूट गई थी। कुल-मिलाकर, मरीज की स्थिति इतनी बिगड़ चुकी थी कि यह मामला जीवनघाती साबित हो चुका था।

अस्पताल में भर्ती होने पर, तुरंत सीटी स्कैन, छाती का एक्स-रे, और हार्ट स्कैन तथा लैब टेस्ट की मदद से डॉक्टरों को मामले की गंभीरता का अदांज़ा हुआ और वे उपचार की प्रक्रियाओं के बारे में फैसले लेने में समर्थ बने। मरीज की तत्काल मिनीमॅली इन्वेसिव सर्जरी की गई जिसमें डायग्नॉस्टिक लैपरोस्कोपी, इंटरनल ब्लीडिंग पर नियंत्रण, गोली के धातु के टुकड़ों, और क्षतिग्रस्त ऊतकों को निकालना शामिल था। इस पूरी प्रक्रिया को करीब 2 से 3 घंटों में पूरा किया गया जिसके बाद मरीज को गहन निगरानी के लिए आईसीयू में रखा गया।

इस मामले की जानकारी देते हुए, डॉ मोहसिन खान, सीनियर कंसल्टेंट – जीआई, मिनीमल एक्सेस एंड बेरियाट्रिक सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद ने कहा, “फायरिंग की वजह से होने वाली इस प्रकार की चोटों को लेकर कई बार धोखा हो सकता है क्योंकि शुरु में मरीज स्थिर लग सकता है लेकिन असल में उसकी चोट काफी गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है। ऐसे मामलों में, मल्टी-डिसीप्लीनरी टीम की मदद ली जाती है, जिसमें ट्रॉमा सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, इंटेंसिविस्ट, और नर्सिंग टीमों को शामिल किया जाता है। इस मामले में, बंदूक की गोली से युवक के जिगर, फेफड़ों और छाती में काफी चोट पहुंची थी। अस्पताल में तत्काल जांच और समय पर सर्जरी से मरीज को घातक हालात से उबारा जा सका। यह काफी जटिल किस्म के ट्रॉमा का मामला था जिसमें कई अंगों को क्षति पहुंची थी और मरीज को इंटरनल ब्लीडिंग भी हो रही थी। ऐसे में हमारी प्राथमिकता तुरंत मरीज की हालत स्थिर करने, नुकसान को नियंत्रित करने तथा अंगों को सही तरीके से काम करते रहने लायक बनाने की थी। ऐसे मामलों में मामूली देरी से भी नतीजे घातक हो सकते हैं। लेकिन, समय पर उपचार मिलने से मरीज का बहुमूल्य जीवन बचाया जा सका।”
डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, उक्त मरीज ने कहा, “गोली लगने के बाद मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं सांस लेने में भी कठिनाई महसूस कर रहा था। इतना ही नहीं, मुझे यह भरोसा नहीं रहा था कि मैं ठीक भी हो पाऊंगा या नहीं। लेकिन फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल फरीदाबाद के डॉक्टरों ने बेहद फुर्ती के साथ और सटीक तरीके से मेरा इलाज किया। इमरजेंसी टीम से लेकर सर्जन और आईसीयू स्टाफ तक ने मेरी जिंदगी बचाने के लिए बहुत मेहनत की। मैं डॉ मोहसिन खान और उनकी पूरी मेडिकल टीम का आभारी हूं जिन्होंने मुझे नई जिंदगी दी है।”

डॉ अभिषेक शर्मा, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद ने कहा, “इस मामले ने एक बार फिर इस ओर ध्यान खींचा है कि जश्न के दौरान घटने वाली घटनाएं या गतिविधियां भी कई बार कुछ ही पलों में मेडिकल इमरजेंसी बन सकती हैं। उक्त मरीज की किस्मत अच्छी थी कि उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका। समय पर डायग्नॉसिस और सर्जिकल केयर के चलते, हमारी टीम ने मरीज को संभाल लिया और उनका जीवन बचाया जा सका। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद तत्काल ट्रॉमा उपचार देने में समर्थ है, जिससे इस तरह के गंभीर और बेहद नाजुक हालातों में भी जिंदगी बचायी जा सकती है।”



