स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस और गुरु के बाग का शताब्दी समारोह 25 दिसंबर को

फरीदाबाद: 10 दिसंबर, गुरूकुल इन्द्रप्रस्थ फरीदाबाद में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा व आर्य केंद्रीय सभा नगर-निगम क्षेत्र, फरीदाबाद के नवनिर्वाचित पदाधिकारीयो का स्वागत किया गया। सिख धर्म की त्याग और बलिदानी परंपरा के विषय में हम सभी अवगत है। गुरु जी ने अनगिनत कष्ट सहे और अपने धर्म, राष्ट्र की रक्षा की। देश की आजादी में सिख भाइयों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। 1922 में सिखों ने गुरु के बाग का सत्याग्रह प्रारंभ किया तो अंग्रेजी सरकार के खिलाफ सत्याग्रह का संचालन स्वामी श्रद्धानंद ने स्वयं अपने हाथ में लिया था। मोर्चा (आंदोलन) के शताब्दी समारोह को चिह्नित करने और राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान दिवस को गुरुकुल इंद्रप्रस्थ और सिख भाईयों ने संयुक्त रुप से 25 दिसंबर को गुरुकुल में मनाने का निर्णय लिया।

इस मीटिंग की अध्यक्षता गुरुकुल के संचालक और आर्य केंद्रीय सभा, नगर निगम क्षेत्र के अध्यक्ष आचार्य ऋषि पाल ने की। इसमें सिख भाईयों का प्रतिनिधित्व सरदार रविंद्र सिंह राणा, सरदार इंद्रजीत सिंह, सरदार प्रीतम सिंह, सरदार जोगिंदर सिंह सोढ़ी और सरदार जसविंदर सिंह ने किया।

आर्य केंद्रीय सभा की तरफ से योगेंद्र फोर, आनंद मेहता, सत्य प्रकाश अरोड़ा, शिव कुमार टुटेजा, वसु मित्र सत्यार्थी, विकास भाटिया, देशबंधु आर्य, कर्मचंद शास्त्री, डा. संदीप आर्य, मनोज डंगवाल, आशा पंडित, ऊषा चितकारा ने भाग लिया।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like

You cannot copy content of this page