सृष्टि परमात्मा में ऐसे समाई है जैसे बच्चा माता के गर्भ में:- आचार्य वीरेंद्र कुमार

फरीदाबाद: 03 दिसंबर, आर्य समाज, एन एच, नंबर 4, में 49वें वार्षिक उत्सव के समापन समारोह का शुभारंभ 11 कुण्डीय यज्ञ से हुआ जिसमें मुख्य यजमान नरेश मोंगा परिवार, कुलभूषण सखूजा परिवार, देवेन्द्र अरोड़ा तथा स्वदेश सत्यार्थी परिवार बने। तत्पश्चात भजनोपदेशक मनोज राज आर्य ने देश की गौरवमय गाथा और महापुरुषों के बलिदान पर मधुर भजनों और गीतों ने सब का मन मोह लिया।


आचार्य वीरेंद्र कुमार, ने कहा कि सारा ब्रम्हांड परमात्मा में और परमात्मा सारे ब्रम्हांड में समाया हुआ है। सृष्टि परमात्मा में ऐसे समाई है जैसे बच्चा माता के गर्भ में। आत्मा का वास्तविक निज घर निराकार प्रभु परमात्मा है। आत्मा का नाता ऋषि मुनी ब्रह्मज्ञान देकर परमात्मा से जोड़ देते हैं। ब्रह्मज्ञान प्राप्त करते और इस निराकार परमात्मा को जानने के बाद ही वास्तविक भक्त की शुरुआत होती है।

विशिष्ट अतिथि नरेश मोंगा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी और आर्य समाज के लिए हर यथासंभव सेवा का विश्वास जताते हुए सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुकुल इंद्रप्रस्थ के आचार्य ऋषि पाल ने की और बच्चों को संस्कारित और देशभक्त बनाने का आवाहन किया। कवि धर्मेश अविचल ने देश भक्ति की कविता से देश के प्रति प्यार और निष्ठा के लिए प्रेरित किया।

प्रधान कर्मचंद शास्त्री ने ऋषि दयानंद के समाज उत्थान के प्रयासों को सराहा। मंच संचालन महामंत्री योगेंद्र फोर ने किया और उपस्थित आचार्य, मुख्य अतिथि व सब श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए इसे सफल बनाने के लिए आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम में मनोज डंगवाल, हरिद्वार से धनपाल सिंह आर्य, डा. संदीप योगाचार्य. सतबीर आर्य, संजय आर्य, देशबन्धु आर्य, डा. सत्यदेव, सत्य प्रकाश अरोडा, संजय सेतिया, कुलभूषण सखुजा, वसु मित्र सत्यार्थी, विकास भाटिया, कुलदीप गोयल, जोगेन्द्र कुमार, राजेश गोयल, मनोज वोहरा, मनोज शर्मा, नर्वदा शर्मा, शीला देवी, पुष्पा शर्मा, प्रोमिला अरोड़ा, कुसुम चौहान, रितु गोयल, प्रभा निझावन, श्रुति सेतिया, माता यज्ञानंदा, तथा बड़ी संख्या में आर्य महिलाओं तथा आर्य जनों ने भाग लिया।

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