Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Khabar in NCR
    • Home
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • प्रदेश
      • हरियाणा
      • फरीदाबाद
      • पलवल
      • दिल्ली
      • उतर प्रदेश
      • गाजियाबाद
      • नोएडा
      • पंजाब
      • राजस्थान
    • पॉलिटिक्स
    • सोशल
    • स्पोर्ट्स
    • हेल्थ
    Khabar in NCR
    Home » व्हीलचेयर पर निर्भरता वाले 69-वर्षीय ब्लड कैंसर मरीज का फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद में बोन मैरो ट्रांसप्लांट से किया गया सफल उपचार

    व्हीलचेयर पर निर्भरता वाले 69-वर्षीय ब्लड कैंसर मरीज का फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद में बोन मैरो ट्रांसप्लांट से किया गया सफल उपचार

    Khabarin NCRBy Khabarin NCR26/05/202614 Views
    Facebook WhatsApp Twitter Email Copy Link

    पंकज अरोड़ा की रिपोर्ट/फरीदाबाद: 26 मई, 2026, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद ने दुर्लभ किस्म के ब्लड कैंसर – मल्टीपल मायलोमा से पीड़ित, 69-वर्षीय मरीज का सफलतापूर्वक अस्थि-मज्जा प्रत्यारोपण (बोन मैरो ट्रांसप्लांट) कर उन्हें नया जीवनदान दिया है। मल्टीपल मायलोमा एक प्रकार का क्रोनिक और लाइलाज ब्लड कैंसर है बार-बार रीलैप्स होता है, मरीज बार-बार ठीक भी होता रहता है, लेकिन यदि इसका उपचार या उचित तरीके से प्रबंधन न किया जाए, तो आगे चलकर इलाज से भी कोई असर नहीं पड़ता और रोग घातक साबित होता है। डॉ सिद्धार्थ शंकर सूद, सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस बेहद जटिल मामले के लिए बेहद सावधानीपूर्वक रणनीति तैयार की और मरीज का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जिससे उनकी हालत में काफी सुधार हुआ है। 

    उक्त मरीज को जब अस्पताल लाया गया तो उसकी हालत काफी कमजोर थी, उनकी हड्डियों में काफी दर्द था, बार-बार त्वचा और हड्डियों के इंफेक्शन हो रहे थे तथा उनकी मोबिलिटी भी काफी सीमित हो गई थी जिसके कारण वह व्हीलचेयर पर सिमटकर रह गए थे। मरीज के विस्तृत डायग्नॉस्टिक मूल्यांकन, और बोन मैरो परीक्षण से मल्टीपल मायलोमा की पुष्टि हुई। मरीज की अधिक उम्र और कमजोर क्लीनिकल कंडीशन देखते हुए, डॉक्टरों की टीम ने पारंपरिक कीमोथेरेपी की बजाय टार्गेटेड थेरेपी से उनका उपचार किया। इससे उनके रोग में सुधार होने लगा, तथा इसके बाद डॉक्टरों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया, जो कि मल्टीपल मायलोमा से ग्रस्त ट्रांसप्लांट के योग्य मरीजों के मामले में मानक उपचार माना जाता है। साथ ही, दीर्घकालिक सरवाइवल की दृष्टि से भी इसे अधिक प्रभावी पाया गया है। उपचार और ट्रांसप्लांट के बाद, मरीज की काफी हद तक रिकवरी हुई, और मोबिलिटी में भी सुधार हुआ। अब वह व्हीलचेयर पर भी निर्भर नहीं रहे हैं।

    इस मामले का विवरण देते हुए, *डॉ सिद्धार्थ शंकर सूद, सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद* ने कहा, “मायलोमा आजीवन रहने वाला जटिल प्रकार का ब्लड कैंसर है जिसके लिए समय-समय पर मेडिकल सहायता लेने की जरूरत होती है। इस मामले में, उक्त मरीज हमारे पास काफी कमजोर अवस्था में आए थे, ऐसे में सबसे पहले उनकी हालत स्थिर करना और फिर लक्षित दवाओं की मदद से उनके रोग को नियंत्रित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी, और हम उन्हें पारंपरिक कीमोथेरेपी दिए बगैर ही उपचार देना चाहते थे। मरीज की हालत स्थिर होते ही, हमने तत्काल बोन मैरो ट्रांसप्लांट (अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण) किया, जो अपेक्षाकृत लंबे समय तक रोग-मुक्त रखता है और मरीजों की जीवनरक्षा की संभावना में भी सुधार करता है। उक्त मरीज की अधिक उम्र के बावजूद, वह दिमागी तौर पर काफी मजबूत थे और थेरेपी को लेकर उनकी सकारात्मक सोच ने उन्हें मेडिकल प्रक्रिया के लिए उपयुक्त बनाया। ट्रांसप्लांट के बाद, मरीज की रिकवरी काफी उत्साहवर्धक रही है और अब उनके लंबे समय तक सरवाइवल की संभावनाओं में भी काफी सुधार हुआ है।

    *डॉ अभिषेक शर्मा, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद* ने कहा, “किसी 70-वर्षीय ऐसे मरीज का सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट करना, जो कि काफी कमजोर अवस्था में हों, हमारी टीम की क्लीनिकल दक्षता और हमारे अस्पताल में उपलब्ध एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर तथा स्पेश्यलाइज़्ड ट्रांसप्लांट सपोर्ट का प्रमाण है। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद में, हमारा फोकस मरीजों के लिए अत्याधुनिक कैंसर केयर को सुलभ बनाने पर रहता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मरीजों को, चाहे उनकी उम्र कुछ भी हो, प्रभावी उपचार मिल सके जिससे वे बेहतर लाइफ क्वालिटी का लाभ उठा सकें।”

    featuead
    Share. WhatsApp Facebook Telegram Twitter Email Copy Link
    Khabarin NCR

    Related Posts

    मंत्री राजेश नागर ने अनाज गोदाम का किया औचक निरीक्षण

    25/08/2026

    फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में एडवांस रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी से दुर्लभ किडनी ट्यूब ब्लॉकेज से ग्रस्त एक-वर्षीय शिशु की जान बचायी गई

    25/08/2026

    फरीदाबाद में कार्यकर्ताओं की रायशुमारी के बाद मजबूत संगठन बनाएंगे: उमंग सिंघार

    25/08/2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    16th mata ki chowki
    16th mata ki chowki
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 Khabrainncr.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.